एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में, उपस्थित जनसमूह ने डूडी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की।
एडवोकेट आर्य ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डूडी जी को किसान, मजदूर और गरीबों की बुलंद आवाज बताया। उन्होंने कहा कि डूडी जी की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा एक मिसाल के तौर पर याद की जाएगी।
पूर्व सरपंच लक्ष्मणराम खिलेरी ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि डूडी जी ने अपना जीवन सर्व समाज के लिए संघर्ष करते हुए बिताया और उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।
श्रद्धांजलि सभा में पटवारी लूणाराम बाना, हरिराम सारण, सुशील सेरडिया आदि ने डूडी जी के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को साझा किया, जिससे उनकी कर्मठता और जनसेवा की भावना उजागर हुई।
श्रद्धांजलि सभा में बन्नानाथ, जगदीश ज्याणी, भंवरलाल जाखड़, हनुमान महिया, सुभाष भाम्भू, मांगीलाल प्रजापत, रामनिवास जाखड़, विकास गोदारा, दयानन्द बेनीवाल, संगीता बेनीवाल, श्यामसिंह सारण सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों और बालिकाओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर डूडी जी को श्रद्धांजलि दी।
छात्रावास अधीक्षक श्रवण कुमार भाम्भू ने सभा में उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।