यह स्वीकृति जिन विद्यालयों को मिली है, उनमें वैद्य मघाराम राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उदरासर, राजकीय सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, ताल मैदान के पास, श्रीडूंगरगढ़, राजकीय सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, गुसाईंसर बड़ा, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डेलवा, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, इन्दपालसर बड़ा बास, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कालरा जौहर, इन्दपालसर बड़ा बास, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, हथाना जौहर, इन्दपालसर बड़ा बास, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, मिंगसरिया, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, हेमासर और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बेगाराम का कुआँ, ठुकरियासर शामिल हैं। अलग-अलग विद्यालयों के लिए 5 लाख से लेकर 10 लाख तक की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे विद्यालयों की ज़रूरतों के अनुसार कार्य कराए जा सकेंगे।
इस खबर के सामने आने के बाद, श्रीडूंगरगढ़ के विधायक ताराचंद सारस्वत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा, चिकित्सा और जनहित के कार्यों में तेज़ी आई है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में और भी महत्वपूर्ण विकास कार्य करवाए जाएंगे।
विधायक सारस्वत ने भाजपा सरकार के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ज़ाहिर है, इस स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ होगा और शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इन कार्यों को कितनी कुशलता से पूरा किया जाता है और इसका विद्यार्थियों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है।