भूमण्डलीकृत वैश्वीकरण में भारतीय संस्कृति के बाजारीकरण पर 30-31 अक्टूबर को सांगलिया में होगी संगोष्ठी
डूंगरगढ़ one 27 सितम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। बाबा खींवादास स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीकर में 30 और 31 अक्टूबर को “भूमण्डलीकृत वैश्वीकरण के संदर्भ में भारतीय संस्कृति का बाजारीकरण” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
संगोष्ठी मानविकी बहु-अनुशासनिक साहित्य शोध संस्थान, रावतसर और चिंतन प्रकाशन, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में होगी। आयोजन सचिव डॉ. विजय कुमार पटीर ने बताया कि इसमें देश-विदेश के अनेक विद्वान और शोधार्थी भाग लेंगे।
रवि पुरोहित देंगे उपभोक्तावादी दौर पर वक्तव्य
बीकानेर के प्रसिद्ध साहित्यकार, संपादक और आलोचक रवि पुरोहित को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। वे संगोष्ठी में “उपभोक्तावादी दौर में समय, समाज और संस्कृति के बदलते मूल्य” विषय पर विचार व्यक्त करेंगे।
20 से अधिक उपविषयों पर होंगे व्याख्यान, पुरस्कार भी होंगे प्रदान
दो दिनों तक चलने वाली इस संगोष्ठी में केंद्रीय विषय से जुड़े 20 से अधिक उपविषयों पर विद्वानों के व्याख्यान होंगे। इस दौरान शिक्षा, साहित्य और शोध क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चयनित विद्वानों को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
कई संस्थाओं से सम्मानित हैं रवि पुरोहित
रवि पुरोहित को इससे पहले साहित्य अकादमी, दिल्ली, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर, राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर, राजस्थान सरकार, रोटरी क्लब, हिन्दी साहित्य संसद, चूरू, और महेन्द्र जाजोदिया पुरस्कार, दिल्ली सहित अनेक संस्थाओं से सम्मान मिल चुका है।
वे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स व सेमिनारों में अनुवादक, संपादक और वक्ता के रूप में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।