श्रीडूंगरगढ़, 3 दिसंबर 2025। मरूभूमि की तपती रेत में उम्मीद के बीज बोने वाले, क्षेत्र के युवा और नवाचारी किसान रामलक्ष्मण चोटिया को भारत के प्रतिष्ठित किसान सम्मान के लिए चुना गया है। यह खबर न केवल उनके गांव धीरदेसर चोटियान, बल्कि पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास लेकर आई है।
नई दिल्ली स्थित आईसीएआर ग्राउंड, पूसा में 7 से 9 दिसंबर तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय राष्ट्रीय कृषि मेले में रामलक्ष्मण को “मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया अवार्ड-2025” से नवाजा जाएगा। यह सम्मान उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, वर्षा जल संरक्षण और ग्रीन हाउस इनोवेशन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जा रहा है।
रामलक्ष्मण की सफलता की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने ऑर्गेनिक खेती, वर्षा जल तकनीक और ग्रीन हाउस इनोवेशन के अनूठे मॉडल विकसित किए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। राष्ट्रीय जूरी ने उनके नवाचारों और योगदान को आधुनिक खेती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना है।
ज्ञात हो कि रामलक्ष्मण को इससे पहले भी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), कृषि विभाग, आत्मा और कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है। इस नवीनतम उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए चोटिया ने इसे पूरे क्षेत्र का सम्मान बताया है। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे लगातार किसानों की लागत कम करने और आय बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं, ताकि क्षेत्र के किसान समृद्ध और किसानी प्रगतिशील हो सके।
श्रीडूंगरगढ़, 3 दिसंबर। रामलक्ष्मण ने राजस्थान के रेतीले इलाके में वर्षा की हर बूंद को सहेजने और उसका सदुपयोग करने की पुरानी परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर एक नया आयाम दिया है। उन्होंने खेत में रूफ-टॉप और ग्राउंड वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया है, जिससे बारिश के पानी का 100% संग्रह संभव है। इसके साथ ही, ड्रिप सिंचाई और ग्रीन हाउस में नियंत्रित उत्पादन के माध्यम से उन्होंने कम पानी और कम लागत में अधिक उत्पादन का मंत्र सिद्ध किया है। उनका यह मॉडल देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।