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श्रीडूंगरगढ़ के इस गांव में फैला डेंगू का कहर, 10 दिनों में रिकॉर्ड 115 रोगी चिह्नित, ग्रामीणों में भय

ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआती दौर में न तो फोगिंग की गई और न ही एंटी लार्वा गतिविधियों को गंभीरता से लिया गया। नतीजा यह हुआ कि 3 अक्टूबर से 14 अक्टूबर की सुबह तक गांव में 115 लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं।

इस स्थिति को लेकर गांव के जागरूक युवाओं में गहरा आक्रोश है। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के साथ-साथ पंचायत भी गांव में सफाई व्यवस्था को लेकर उदासीन रवैया अपना रही है। युवाओं ने 181 पर शिकायत दर्ज करवाकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

सूत्रों के अनुसार, युवाओं ने फोगिंग मशीन के लिए उच्च अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन विकट परिस्थिति में भी मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई। प्रारंभिक मामलों के बाद बरती गई लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।

गांव के युवाओं का ध्यान राजमार्ग के किनारे जमा पानी की ओर भी गया है। उनका कहना है कि ये नाले चालू नहीं हैं, लेकिन बारिश का पानी जमा होने के कारण मच्छरों का भारी जमावड़ा बन गया है, जिससे पूरे गांव में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार, गांव के दो डेंगू पीड़ित मरीज पीबीएम अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग द्वारा तत्काल डेटा मंगवाया गया है। सेरूणा पीएचसी में अपने तीन बच्चों की जांच कराने आए एक पिता ने बताया कि उनके दो बच्चे डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं और उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने पूरे गांव में डेंगू फैलने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

सेरूणा पीएचसी की लैब के रजिस्टर में सभी पॉजिटिव मामलों की एंट्री दर्ज है। जब इस संबंध में विभाग से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो पहले 115 मामलों की जानकारी होने से इनकार किया गया, लेकिन बाद में अधिकारियों ने सेरूणा से तुरंत रिपोर्ट मंगवाई।

ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सोनी ने बताया कि सेरूणा में घर-घर सर्वे करने के निर्देश दे दिए गए हैं। एंटी लार्वा गतिविधियों के लिए भी विभागीय कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गांव में फोगिंग की व्यवस्था के लिए विकास अधिकारी से बातचीत की गई है और जल्द ही फोगिंग करवाई जाएगी। साथ ही, बीमारों को दवाएं भी दी जा रही हैं।

यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और तत्परता के महत्व को रेखांकित करती है। साथ ही, यह नागरिकों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक रहने की प्रेरणा देती है।

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