यह चिकित्सालय इस क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, जहाँ प्रतिदिन हज़ारों मरीज़ इलाज के लिए आते हैं। लेकिन, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते कई मरीज़ों को बीकानेर या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे न केवल उन्हें शारीरिक परेशानी होती है, बल्कि आर्थिक रूप से भी वे कमज़ोर पड़ते हैं।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता तुलसीराम चौरड़िया ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बीकानेर को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में मांग की है कि गायनिक डॉक्टर और दंत चिकित्सक की नियुक्ति जल्द से जल्द की जाए। उनका कहना है कि डॉक्टर के न होने से प्रसव से जुड़ी महिलाओं को जोखिम उठाना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। दूर-दराज के शहरों तक जाने के कारण उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
चौरड़िया ने इस स्थिति को जनहित के विपरीत और चिंताजनक बताया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से निवेदन किया है कि आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दोनों पदों पर तुरंत नियुक्ति की जाए, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देता है और लोगों को राहत मिलती है।