श्रीडूंगरगढ़, 9 अक्टूबर 2025। कल, 10 अक्टूबर को श्रीडूंगरगढ़ समेत पूरे देश में सुहागिनें करवा चौथ का महापर्व मनाएंगी। यह व्रत भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन, सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। आइए जानते हैं करवा चौथ के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और इस व्रत के महत्व के बारे में।
करवा चौथ का व्रत न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह दांपत्य जीवन में प्रेम, समर्पण और विश्वास को भी दर्शाता है। इस दिन सुहागिनें सज-धज कर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं और अपने पति के साथ मिलकर इस त्योहार को मनाती हैं। करवा चौथ का व्रत भारतीय संस्कृति की एक अनमोल धरोहर है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है।