श्रीडूंगरगढ़ ONE 11 मार्च 2026। क्षेत्र भर में घर घर बुधवार को बासौड़ा का पर्व मनाया जा रहा है। चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की सप्तमी व अष्टमी तिथि को शीतला माता का पूजन कर यह त्योहार मनाया जाता है। रानी बाजार में स्थित शीतला माता मंदिर, आड़सर बास के माताजी मंदिर में शीतला पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ आई है। अलसुबह से महिलाएं पूजन करने पहुंच रही है। माता को ठंडे का भोग लगाकर कथा कहानी सुनने की पंरपरा का निर्वहन किया जा रहा है। महिलाओं ने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामनाएं की पूजन के बाद माता से की है। हर घर में नई मटकी रखकर पूजन किया गया।
“लाखीणा लोकगीत” पुस्तक की रचयिता श्रीडूंगरगढ़ निवासी पुष्पादेवी सैनी पत्नी डॉ मदन सैनी ने बताया कि शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। इस दिन बासी भोजन का भोग गलाया जाता है और पूरा परिवार बासी भोजन करता है। जिसको एक दिन पहले ही बनाकर रख लिया जाता है। सैनी ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक में बासोड़ा व शीतला सहित सभी राजस्थानी तीज त्योहारों के लोकगीतों का संकलन किया है।