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शीतला मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, धोक लगाकर मांगी बच्चों के लिए मंगलकामनाएं  |  श्रीडूंगरगढ़ में शीतला माता की पूजा, घरों में लगाया बासी भोजन का भोग; मंदिर में उमड़े श्रद्धालु  |  11 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  |  रात 10 बजे नशे में धुत आरोपी घर में घुसे, फोड़ दिया सिर, मामला दर्ज।  |  श्रीडूंगरगढ़ में कलेक्टर-एसपी की बैठक: ट्रैफिक सुधारने, निराश्रित गोवंश शिफ्ट करने और हाईवे के अवैध कट बंद करने के निर्देश  | 

शीतला मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, धोक लगाकर मांगी बच्चों के लिए मंगलकामनाएं

श्रीडूंगरगढ़ ONE 11 मार्च 2026। क्षेत्र भर में घर घर बुधवार को बासौड़ा का पर्व मनाया जा रहा है। चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की सप्तमी व अष्टमी तिथि को शीतला माता का पूजन कर यह त्योहार मनाया जाता है। रानी बाजार में स्थित शीतला माता मंदिर, आड़सर बास के माताजी मंदिर में शीतला पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ आई है। अलसुबह से महिलाएं पूजन करने पहुंच रही है। माता को ठंडे का भोग लगाकर कथा कहानी सुनने की पंरपरा का निर्वहन किया जा रहा है। महिलाओं ने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामनाएं की पूजन के बाद माता से की है। हर घर में नई मटकी रखकर पूजन किया गया।
“लाखीणा लोकगीत” पुस्तक की रचयिता श्रीडूंगरगढ़ निवासी पुष्पादेवी सैनी पत्नी डॉ मदन सैनी ने बताया कि शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। इस दिन बासी भोजन का भोग गलाया जाता है और पूरा परिवार बासी भोजन करता है। जिसको एक दिन पहले ही बनाकर रख लिया जाता है। सैनी ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक में बासोड़ा व शीतला सहित सभी राजस्थानी तीज त्योहारों के लोकगीतों का संकलन किया है।

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