श्रीडूंगरगढ़ ONE 15 फरवरी 2026। हर जीव को अपने अच्छे व बुरे कर्मों का फल भोगना ही पड़ेगा। सभी ग्रंथ सद्कर्म की शिक्षा देते हुए सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते है। ये बात धोलिया रोड पर स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित शिवमहापुराण कथा में कथा वाचक पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE ने कही। कथा वाचक ने कहा कि जीवन में मिलने वाले हर सुख व दुख का कारण अपने ही कर्म है। उन्होंने कहा कि इसीलिए कर्म को ही पूजा कहा गया है। पंडितजी ने विभिन्न शिवलिंगों के बारे में जानकारी दी, शिव महिमा की विभिन्न कथाएं सुनाई, शिव नाम जप की महिमा का गुणगान करते हुए जीवन में मानवीय मूल्यों को जीवंत रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने शिव के आंशिक अवतारों का वर्णन किया, उनके विवाह की महिमा और कलयुग में शिवलिंग की पूजा के महत्व के बारे में बताया। पंडितजी ने श्रद्धालुओं को शिव पूजन से कल्याण होने का विश्वास दिलवाया। इस दौरान कथा में महाशिवरात्रि के पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा में शामिल हुए व शिव आरती के साथ कथा संपन्न हुई। सामूहिक रूप से आयोजित कथा में पंडित विष्णदत्त शास्त्री ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।