पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग मंत्री जोराराम कुमावत ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी समाज का भविष्य उसकी शिक्षा पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो समाज को सही दिशा दिखाती है और उसे प्रगति के पथ पर अग्रसर करती है। मंत्री कुमावत ने आज के युग में उच्च और तकनीकी शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मशीनी युग में तकनीकी ज्ञान के बिना समाज पिछड़ सकता है। इसलिए, युवाओं को समय के साथ कदम मिलाकर चलना होगा और बेटियों को भी उच्च शिक्षा प्रदान करनी होगी।
मंत्री कुमावत ने सफल युवाओं को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए उनसे अपील की कि वे अपने अनुभव अन्य युवाओं के साथ साझा करें ताकि वे भी सफलता प्राप्त कर सकें। उन्होंने गुरु द्रोणाचार्य-एकलव्य और रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए शिक्षा, अनुशासन और समर्पण के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने समाज को नशामुक्त बनाने का आह्वान किया।
मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि पशुपालकों के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट (कॉल 1962) सुविधा शुरू की गई है, जिसके माध्यम से एक कॉल पर पशुओं का इलाज घर तक पहुंचेगा। इसके अलावा, गायों का टीकाकरण और गर्भाधान मात्र 70 रुपए में करवाने की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम में श्रीयादे माटीकला बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने युवाओं से संकल्प लेकर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। समाज के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति और समाजसेवा में आगे आना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि चंपालाल गेधर ने समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक होने का संदेश दिया। एड. अशोक कुमार बोबरवाल, न्यायिक अधिकारी उर्मिला मारवाल, राधेश्याम काम्या (सीकर) और कुम्हार महासभा बीकानेर जिलाध्यक्ष मूलचंद बोरावड़ ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के दौरान 10वीं, 12वीं और उच्च शिक्षा परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के साथ ही सरकारी सेवाओं में चयनित युवाओं को सम्मानित किया गया। समाज के सैकड़ों लोग इस समारोह में उपस्थित थे और उन्होंने प्रतिभाशाली युवाओं का तालियों से स्वागत किया।