श्रीडूंगरगढ़: शहरी क्षेत्रों में बिजली ट्रांसमिशन लाइनों के मुआवज़े में बढ़ोतरी
श्रीडूंगरगढ़, 8 अगस्त, 2025: राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में बिजली ट्रांसमिशन लाइनों और टावरों के निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवज़े में वृद्धि की है। ऊर्जा विभाग द्वारा 23 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, अब नगरीय निकाय क्षेत्र में टावरों के लिए ज़िला स्तरीय कमेटी (DLC) द्वारा निर्धारित मूल्य का 400% मुआवज़ा दिया जाएगा, जो पहले 200% था।
इसके अतिरिक्त, ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे से गुजरने वाले मार्गाधिकार (Right of Way – RoW) क्षेत्र के मुआवज़े में भी बढ़ोत्तरी की गई है। नगरपालिका और अन्य नियोजित शहरी क्षेत्रों में अब DLC का 45% मुआवज़ा मिलेगा, जबकि नगर निगमों और महानगरों में यह 60% होगा। इससे पहले, सभी क्षेत्रों में यह दर 30% थी।
सरकार के इस निर्णय से उन शहरी क्षेत्र के भूमि मालिकों को महत्वपूर्ण राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी भूमि का उपयोग ट्रांसमिशन लाइनों और टावरों के निर्माण के लिए किया जाता है। यह बढ़ा हुआ मुआवज़ा प्रभावित किसानों, ज़मींदारों और कॉलोनी मालिकों को सीधे तौर पर प्राप्त होगा।
बीकानेर के एडवोकेट अशोक भाटी ने इस निर्णय पर टिप्पणी करते हुए कहा, "पहले टावर लगने पर 1 लाख की DLC पर 2 लाख मिलते थे, अब सीधे 4 लाख मिलेंगे।"
राज्य में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कई नए ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट शहरी क्षेत्रों से होकर गुजर रहे हैं। इससे प्रभावित लोगों की यह शिकायत थी कि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के समान ही उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए मुआवज़े की दरों में वृद्धि की है। यह कदम शहरी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित चिंताओं को दूर करने में सहायक होगा।