पंचायत समिति सभागार, श्रीडूंगरगढ़ में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाले इस शिविर में क्षेत्र के जरूरतमंद वृद्धजनों और विशेष योग्यजनों को आवश्यक जीवन सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इनमें श्रवण यंत्र (कान की मशीन), चश्मा, छड़ी, कृत्रिम दांत, व्हीलचेयर और ट्राईसाइकिल जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जो उनके जीवन को सरल और सुगम बनाने में मददगार साबित होंगी।
उपखण्ड अधिकारी शुभम शर्मा ने बताया कि शिविर को सफल बनाने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सर्वे टीमें सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। ग्राम सेवकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला सुपरवाइजर, आशा, एएनएम और साथिनों को ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे करने का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, नगरपालिका क्षेत्र में भी कार्मिकों और आंगनबाड़ी टीमों को चिह्नीकरण के कार्य में लगाया गया है।
इन टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे सभी विशेष योग्यजनों को, जो सहायक उपकरणों के पात्र हैं, शिविर की तिथि से अवगत कराएं और उन्हें शिविर में लाने के लिए प्रेरित करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद इस अवसर से वंचित न रह जाए। प्रशासन का प्रयास है कि हर पात्र व्यक्ति तक यह सुविधा पहुंचे और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
एसडीएम के निजी सहायक राजकुमार बिश्नोई ने बताया कि उपखण्ड प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि वे तय कार्यक्रम के अनुसार अपने-अपने कार्मिकों की ड्यूटी शिविर स्थल पर सुनिश्चित करें। सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के लिए कहा गया है, ताकि शिविर का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि शिविर समाप्त होने के बाद निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट संकलित कर जिला समाज कल्याण कार्यालय, बीकानेर को भेजी जाए। इससे योजना की प्रगति और प्रभाव का मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी।
यह शिविर न केवल जरूरतमंद लोगों को जीवन सहायक उपकरण प्रदान करेगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा और उन्हें समाज में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा। यह एक सराहनीय पहल है, जो वृद्धजनों और विशेष योग्यजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का वादा करती है।