श्रीडूंगरगढ़ ONE 23 फरवरी 2026। श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत लगातार विधानसभा में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज को बुलंद करते हुए, जांच समितियों का गठन कर उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाने की मांग कर रहें है।
विधायक ने 16वीं विधानसभा के बैठक सत्र में सोमवार को बोलते हुए विद्यार्थी हित को मुखरता से उठाया। उन्होंने श्रीडूंगरगढ़ में श्रीमति सदूदेवी पारख कन्या राजकीय महाविद्यालय, राजकीय महाविद्यालय मोमासर, राजकीय महाविद्यालय श्रीडूंगरगढ़ में खाली पड़े पदों पर स्टाफ की नियुक्ति करवाने की मांग की। जिससे विद्यार्थियों को शिक्षण प्रभावित नहीं हो और उन्हें उचित शिक्षा मिल सकें। वहीं गुसाईंसर बड़ा में आस पास के 15 गांवो के विद्यार्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय स्वीकृत कर बनवाने की मांग की है। श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा में घूमंतु जातियों को बसाने के लिए पट्टे दिए जाने की मांग की। शहरों के पास लगी वन विभाग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की, वहां पार्क बनाए जाएं। जिससे वन विभाग की भूमि पर सामाजिक कार्यकर्ता पेड़ लगा सकें। उन्होंने पर्यावरण मंत्री से प्रदेश भर से कीकर के पेड़ को नष्ट करने के लिए अभियान चलाए जाने की मांग की।
सारस्वत ने कॉलेजों में हो रहें भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर शिक्षा के मंदिरों को भ्रष्टाचार का अड्डा बनने से रोके जाने की मांग रखी। विधायक ने कांग्रेस के काल में नियुक्त एमजीएसयू कुलगुरू मनोज दीक्षित के कार्यकाल में भारी भ्रष्टाचार होने के खिलाफ आवाज उठाई। सारस्तव ने विश्वविद्यालय की बैठकों का खुलासा करते हुए जानबूझकर घाटे का बजट पेश करने व जनप्रतिनिधियों के विरोध करने पर भी उसे जबरन पास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये कुलपति 35 लाख की गाड़ी खरीदते है, 300 करोड़ का सरकारी फंड निजी बैंक में रखवाने का षड्यंत्र करते है। विधायक ने भ्रष्टाचार की अनेक परतों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका निजी व्यक्ति अमित पांडे कौन है.? जो अनेक कॉलेजों का मैनेजमेंट करता है, इसकी विस्तार व निष्पक्ष जांच करवाई जाए। विधायक ने कहा कि बीकानेर विश्वविद्यालय प्रशासनिक विफलता और नैतिक पतन की पराकाष्ठा का प्रमाण है, जिस पर उच्च स्तरीय जांच कमेटी द्वारा निष्पक्ष जांच कर भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार को एक प्रेरणा प्रस्तुत करनी चाहिए।