गणेश चतुर्थी का पर्व, जो विद्या और बुद्धि के देवता भगवान गणेश को समर्पित है, श्रीडूंगरगढ़ के कालू बास स्थित लर्न एंड फन स्कूल में बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। हर वर्ष की भांति, इस वर्ष भी विद्यालय प्रांगण में एक विशेष पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने मिलकर भाग लिया।
विद्यालय को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था, और वातावरण मंत्रोच्चार से गुंजायमान था। भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनकी पूजा अर्चना की गई। इसके बाद, स्कूल परिसर में ही हवन का आयोजन किया गया। इस हवन में, नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विद्या की कामना करते हुए आहुतियां डालीं।
विद्यालय की प्रधानाचार्य, विनीता सारस्वत ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और वैदिक संस्कारों के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी जैसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं और हमें ज्ञान और बुद्धि के महत्व को समझाते हैं।
पंडित भवानी सारस्वत ने हवन संपन्न करवाया और बच्चों को हवन और आहुति के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि हवन एक पवित्र क्रिया है, जिसके माध्यम से हम अपने भीतर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
पूजन और हवन के बाद, सभी बच्चों और उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान, स्कूल का समस्त स्टाफ और अनेक अभिभावक भी कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त किया। गणेश चतुर्थी का यह आयोजन लर्न एंड फन स्कूल में एक ऐसा अवसर था, जब सभी लोग एक साथ आए और भगवान गणेश की आराधना करके ज्ञान और बुद्धि के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।