आड़सर बास निवासी रमेश वर्मा के पुत्र विशाल का शुभ विवाह चंदनमल गाधा के साथ हुआ। इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि वर पक्ष ने वधू को लक्ष्मी का स्वरूप मानकर विवाह की सभी रस्में निभाईं और दहेज लेने से साफ इनकार कर दिया।
विवाह पूरे विधि-विधान से संपन्न हुआ। समठूणी की रस्म में वर पक्ष ने वधू का आभार व्यक्त करते हुए केवल एक रुपया और नारियल स्वीकार किया। यह एक प्रतीकात्मक gesto था, जो वधू के परिवार के प्रति सम्मान और स्नेह को दर्शाता है।
वधू पक्ष ने भी वर्मा परिवार के इस प्रगतिशील दृष्टिकोण की सराहना की और उनके विचारों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि यह विवाह समाज में एक सकारात्मक संदेश देगा और अन्य परिवारों को भी दहेज जैसी कुप्रथा से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा।
यह विवाह श्रीडूंगरगढ़ में चर्चा का विषय बन गया है। लोग वर्मा परिवार के इस कदम की सराहना कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि इससे समाज में बदलाव आएगा और दहेज के कारण होने वाली परेशानियां कम होंगी। यह विवाह एक नए युग की शुरुआत का संकेत है, जहां बेटियां बोझ नहीं, बल्कि गौरव मानी जाएंगी।