श्रीडूंगरगढ़, 28 अक्टूबर, 2025। बीदासर रोड पर स्थित वन्यजीव हिरणों और मयूरों के समाधि स्थल पर सोमवार और मंगलवार को दो दिवसीय आयोजन हुआ, जो वन्यजीवों के प्रति गहरी श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का प्रतीक था।
यह आयोजन समाधि स्थल पर इन वन्यजीवों की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। सोमवार की रात राजाराम, जगदीश, शिवकुमार एंड पार्टी द्वारा भक्तिमय भजन संध्या और जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दूर से आए श्रद्धालु भक्ति के सागर में डूबे रहे।
मंगलवार की सुबह, श्रद्धालुओं ने हवन किया और वन्यजीवों की स्मृति में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, शिक्षाविद सुशील सेरडिया ने गुरु जाम्भोजी के वन्य जीव और पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों को याद करते हुए कहा कि “गुरु जाम्भोजी के वन्य जीव और पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 500 साल पहले थे। उन्होंने हर जीव के कल्याण का संदेश देकर मानवता को नई दिशा दी।”
कार्यक्रम में पंचायत समिति सदस्य भल्लूराम बिश्नोई, सांवतसर गौशाला अध्यक्ष रामनिवास बिश्नोई, और एमडीएस छात्रावास अधीक्षक श्रवण कुमार भाम्भू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने वन्य जीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने समाधि स्थल को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए पौधारोपण करने और परिसर को हाईटेक तरीके से विकसित करने का संकल्प लिया। यह निर्णय वन्यजीवों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में रामरतन बिश्नोई, हरलाल बिश्नोई, हीरालाल सांखला (पटवारी), राजाराम धारणियां, किशनलाल शर्मा, निहालचंद बिश्नोई, भंवरलाल बिश्नोई, गोपाल बिश्नोई, भैरुँसिंह, दयानंद बेनीवाल, शिवकुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा उपस्थित थे, जो इस पवित्र कार्य में अपना योगदान देने के लिए तत्पर दिखे।