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लोक शिक्षण समिति की त्रिवार्षिक कार्यकारिणी का गठन, अध्यक्ष बने अशोक, मंत्री दायित्व मिला महर्षि को, ये हुए शामिल

श्रीडूंगरगढ़, 15 अक्टूबर 2025। लोक शिक्षण समिति, जो शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही है, का त्रैवार्षिक अधिवेशन मंगलवार की शाम संपन्न हुआ। यह अधिवेशन, जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, स्थानीय समुदाय के लिए शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।

बैठक की अध्यक्षता रामचंद्र राठी ने की, जिन्होंने अपने अनुभव और मार्गदर्शन से कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित किया। निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए ओमप्रकाश शर्मा, दयाशंकर शर्मा और डॉ. विनोद सुथार निर्वाचन अधिकारी के रूप में उपस्थित थे।

निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि समिति के सदस्यों ने आपसी सहमति से अशोक कुमार बिहानी को अध्यक्ष चुना है। बिहानी, जो पहले भी शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं, अब समिति को नई दिशा देंगे। शिक्षाविद् गजानंद सेवग को उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया है। सेवग का शिक्षा के प्रति समर्पण और अनुभव समिति के लिए बहुमूल्य साबित होगा।

विजय महर्षि को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि भंवरलाल भोजक उपमंत्री के रूप में कार्य करेंगे। रविशंकर पुरोहित हिसाब परीक्षक और विजयराज सेठिया कोषाध्यक्ष के रूप में समिति के वित्तीय कार्यों को संभालेंगे। सुशील कुमार बिहानी को प्रचार मंत्री बनाया गया है, जो समिति की गतिविधियों और संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित करेंगे।

कार्यकारिणी सदस्यों में रामचंद्र राठी, हरिप्रसाद शर्मा, महावीर प्रसाद सारस्वत, शूरवीर मोदी, कुलदीप शर्मा, गोपाल तापड़िया, श्यामसुंदर मूंधड़ा, संदीप मारू, और महेश जोशी को निर्वाचित किया गया। ये सभी सदस्य समिति के उद्देश्यों को पूरा करने में अपना योगदान देंगे।

बैठक के समापन पर, समिति ने सभी नए सदस्यों को बधाई दी और उनसे शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की अपेक्षा की। यह अधिवेशन न केवल नई कार्यकारिणी के गठन का अवसर था, बल्कि शिक्षा के प्रति समुदाय की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक था।

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