श्रीडूंगरगढ़, 22 अगस्त 2025। अंचल में पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप जारी था, जिससे जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया था। मानो आसमान से आग बरस रही थी और धरती तपते तवे की तरह झुलस रही थी। ऐसे में, आज लंबे इंतजार के बाद क्षेत्र में हल्की बारिश की बूंदों ने दस्तक दी, जिससे वातावरण में कुछ ठंडक महसूस हुई।
किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, उनकी उम्मीदों को जैसे पंख लग गए हैं। गांव बापेऊ, इंदपालसर सांखलान, बाना, जैसलसर, ठुकरियासर और श्रीडूंगरगढ़ सहित आसपास के गांवों से मिली जानकारी के अनुसार, छह से सात आंगल तक बारिश हुई है। यह बारिश तपती धरती के लिए अमृत के समान है, खासकर उन फसलों के लिए जो गर्मी से मुरझा रही थीं।
किसान हरी जाखड़ ने बताया कि यह बारिश तपती फसलों पर जीवनदान बनकर बरसी है। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस गर्मी से पूरी तरह राहत पाने के लिए और बारिश की आवश्यकता है। धरती की प्यास अभी पूरी तरह से नहीं बुझी है, लेकिन बारिश की ये बूंदें उम्मीद की किरण बनकर आई हैं।
इस बारिश ने निश्चित रूप से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दिलाई है, लेकिन असली राहत तो तब मिलेगी जब मानसून पूरी तरह से मेहरबान होगा और झमाझम बारिश होगी। फिलहाल, किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, और प्रार्थना कर रहे हैं कि इंद्र देवता जल्द ही अपनी कृपा बरसाएं।