फाइनल मैच के दौरान दर्शकों की ज़ोरदार हूटिंग से माहौल गरमा गया था। बीकानेर की टीम की विजय पर उनके समर्थकों ने खिलाड़ियों के खेल कौशल की जमकर सराहना की और उन्हें बधाई दी।
विशेष बात यह है कि इस विजयी टीम में श्रीडूंगरगढ़ की 7 बालिका खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें 4 रीड़ी गांव से, 1 बींझासर से और 1 जयपुर पब्लिक स्कूल से हैं। टीम में आईना सायच (कप्तान), भूमिका लेघा, गायत्री सायच, रविना जाखड़, रक्षा जाखड़, सुमन कूकणा, सिया सारण (जयपुर पब्लिक स्कूल), गुड्डी, सम्पति, द्रोपती जाखड़, डाली गोदारा और ममता कस्वां जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल थीं, जिन्होंने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया।
हालांकि, 19 वर्षीय छात्रा टीम की चुनौती सुपर एट में समाप्त हो गई थी, लेकिन छोटी बच्चियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
टीम के साथ छैलूदान चारण (दलाधिपति), गोरीशंकर जोशी (दल नायक), भगवान गोदारा (दलनायक), हनुमान प्रसाद गुर्जर (कोच), नरेन्द्र सिंह (कोच), सावित्री खीचड़ (दलप्रभारी) और सरोज (दलप्रभारी) मौजूद थे, जिन्होंने टीम को प्रोत्साहित किया और उनकी सफलता पर बधाई दी।
क्षेत्र की अग्रणी खेल संस्था, हनुमान क्लब के सदस्यों और जयपुर पब्लिक स्कूल के निदेशक, कुंभाराम घिंटाला ने भी टीम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी है। इन बेटियों की सफलता ने श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र को गौरवान्वित किया है और युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।