समाजसेवी और भामाशाह रामदेव बोहरा, जो इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे, ने अपने उद्बोधन में कहा कि चिकित्सकों का धर्म रोगियों का श्रेष्ठतम उपचार करना है, जो कि एक पुनीत कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर समाज के सबसे ज़िम्मेदार वर्गों में से एक हैं और उनकी सेवा भावना उन्हें ईश्वर के समान बनाती है।
कार्यक्रम में डॉ. संतोष चांडक ने बीकानेर में शीघ्र ही खुलने वाले चांडक चाइल्ड हॉस्पिटल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल बच्चों के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। उन्होंने कस्बे के प्रबुद्धजनों को अस्पताल के उद्घाटन समारोह में सादर आमंत्रित किया।
सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी गजानंद सेवग ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सक भले ही भगवान न हों, लेकिन अपने सेवाभाव और समर्पण से वे भगवान के समकक्ष माने जाते हैं। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के मंत्री प्रदीप पुगलिया ने कहा कि चिकित्सा एक पेशा ज़रूर है, लेकिन इसमें मानवता और नीति शास्त्र का पालन सबसे महत्वपूर्ण है।
समारोह के मुख्य सूत्रधार श्रीगोपाल राठी ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे कस्बे से एक और आधुनिक अस्पताल की शुरुआत हो रही है। नागरिक विकास परिषद मंत्री विजयराज सेवग ने कहा कि डॉक्टरों का कार्य केवल पेशा नहीं है, बल्कि मानवता की सेवा है।
वरिष्ठ व्यवसायी भीखमचंद तापड़िया ने समारोह की अध्यक्षता की और अस्पताल की उन्नति के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आयोजकों का आभार व्यक्त किया। श्री गोपाल राठी ने डॉ. संतोष चांडक को माला और साफा पहनाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में तुलसीराम चोरड़िया, शिवभगवान चांडक, रमेश बासनिवाल, संजय करनानी, डॉ. पी. डी. स्वामी, गौरधन खिलेरी, सत्यदीप भोजक, शिवकुमार स्वामी, नानूराम कुचोरिया, जगदीश गुर्जर, पवन इंदौरिया, कमल बोथरा, योगाचार्य ओमप्रकाश कालवा, तेरापन्थ महिला मंडल अध्यक्ष मंजू बोथरा, उपाध्यक्ष मधु देवी झाबक, मंत्री अंबिका डागा, पूर्व पदाधिकारी दीपमाला डागा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने चिकित्सकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।