यह खबर रीड़ी के खेल प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। रीड़ी कबड्डी टीम के कोच मांगीनाथ जाखड़ ने इन दोनों खिलाड़ियों के चयन की घोषणा करते हुए कहा कि यह उनकी वर्षों की मेहनत और लगन का परिणाम है। दोनों खिलाड़ियों ने लगातार अभ्यास किया और अपने खेल को निखारा है, जिसका फल उन्हें आज मिला है।
बीकानेर कबड्डी संघ के चेयरमैन राजेंद्र सिंह राठौड़ ने भी इन होनहार खिलाड़ियों को बधाई दी और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के लिए शुभकामनाएं दीं।
रीड़ी का खेल मैदान, जो पिछले वर्ष ही बनकर तैयार हुआ है, अब तक कई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला चुका है। बीते वर्ष में ही इस मैदान ने 10 बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर दिया है। खिलाड़ियों ने सरपंच गुड्डी देवी और सरपंच प्रतिनिधि हेतराम जाखड़ का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का खेल मैदान बनवाया और कबड्डी के लिए टीनसेट व सिंथेटिक मैट उपलब्ध करवाए, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में बहुत मदद मिली।
इसके साथ ही, 51वीं जूनियर बालिका कबड्डी प्रतियोगिता के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है। यह शिविर 23 नवंबर 2025 से शुरू होकर 5 दिसंबर 2025 तक चलेगा। बालिका वर्ग के लिए यह कैंप रीड़ी के खेल मैदान में लगाया गया है।
इस शिविर में चयनित 20 खिलाड़ी अगले दस दिनों तक गहन अभ्यास करेंगी। इनमें से चुनी हुई अंतिम टीम आगामी प्रतियोगिता में दौसा में बीकानेर का प्रतिनिधित्व करेगी। बालिका टीम के कोच मांगीनाथ सिद्ध और हेतराम जाखड़ प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जो इन बालिकाओं को कबड्डी के गुर सिखाएंगे और उन्हें प्रतियोगिता के लिए तैयार करेंगे।
रीड़ी गांव की माटी में छिपी प्रतिभा को निखारने का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है और यह उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले समय में इस गांव से और भी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।