श्रीडूंगरगढ़, 26 सितंबर 2025।
शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित आत्माओं का संगम, कुछ ऐसा ही नज़ारा श्रीडूंगरगढ़ में देखने को मिला, जहाँ राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के दो दिवसीय जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन का भव्य आगाज़ हुआ। रूपादेवी मोहता राउमावि प्रांगण में शनिवार को यह ज्ञान यज्ञ प्रारंभ हुआ, जिसमें जिले भर से लगभग 450 शिक्षक और शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
सम्मेलन का पहला दिन शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को समर्पित रहा। पहले सत्र में माँ सरस्वती की आराधना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। बीकानेर विभाग के प्रचारक विनायक और विभाग कार्यवाह प्रदीप ने माँ सरस्वती का पूजन कर ज्ञान और विद्या की देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
दिन के दूसरे सत्र में कई गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से सम्मेलन की शोभा बढ़ाई। विधायक ताराचंद सारस्वत, नोखा के पूर्व विधायक बिहारीलाल विश्नोई, भाजपा के पूर्व बीकानेर शहर अध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य, शिक्षा विभाग के अधिकारी रमेश कुमार हर्ष, किशनदान चारण, सरोज वीर पूनियां, रवि आचार्य और ओमप्रकाश विश्नोई ने शिक्षकों को संबोधित किया। सभी अतिथियों ने एक स्वर में शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण और छात्रों के सर्वांगीण विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही देश के भविष्य को संवारने वाले कुशल शिल्पी हैं।
अतिथियों का राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा, दुपट्टा और प्रतीक चिह्न देकर सम्मान किया गया। यह सम्मान शिक्षकों के प्रति समाज के आदर और सम्मान का प्रतीक था।
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय), श्रीडूंगरगढ़ शाखा के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सोच और उच्च आदर्शों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को देश के निर्माण में एकजुट होकर योगदान देना चाहिए।
इस भव्य आयोजन का समस्त व्यय समाजसेवी और भारत वर्षीय श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण युवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जोशी द्वारा वहन किया जा रहा है। संगठन सदस्यों ने जोशी का हृदय से आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शाखा सदस्य किशोरसिंह, मनोज कुमार लखारा, पूर्णचंद्र प्रजापत, नेमीचंद मारू, प्रेमचंद शर्मा, महावीरप्रसाद सारस्वत, दयाशंकर, हरिहर नारायण, नंदकिशोर शर्मा, गोवर्धन, नारायण डूडी, अर्जुनसिंह, भगवती पारीक, सरोज शर्मा, रेणु प्रजापत और अमिता सारस्वत ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन अनिल कुमार सोनी ने किया।
शनिवार को सम्मेलन के दूसरे दिन खुला सत्र और जिला कार्यकारिणी का निर्वाचन होगा, जिसमें शिक्षकों के हित और शिक्षा के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। यह सम्मेलन निश्चित रूप से शिक्षा जगत में नई ऊर्जा का संचार करेगा और शिक्षकों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करेगा।