आज, इन्दपालसर मंडल के इन्दपालसर हीरावतान गांव (जिसमें इन्दपालसर, गुसांईसर, राइकान और हीरावतान शामिल हैं), धर्मास मंडल के धर्मास गांव (धर्मास, अमृतवासी, सुरजनवासी, हथाना जोहड़, इन्दपालसर सांखलान) और श्रीडूंगरगढ़ नगर की प्रताप बस्ती में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों की शुरुआत शस्त्र पूजन के साथ हुई। बौद्धिककर्ताओं ने स्वयंसेवकों को संघ की विकास यात्रा से अवगत कराया, जिसमें संघ के व्याप, पंच परिवर्तन, उपहास और विरोध के दौर शामिल रहे। इसके साथ ही आगामी गृह संपर्क (1 नवंबर से 16 नवंबर) और हिंदू सम्मेलन (20 जनवरी से 10 फरवरी) की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
धर्मास और इन्दपालसर हीरावतान में अनिल कुमार सोनी (व्यवस्था प्रमुख, श्रीडूंगरगढ़ खंड) ने कार्यक्रमों में भाग लिया। प्रताप बस्ती में आशाराम पारीक (संघचालक एवं बौद्धिककर्ता) उपस्थित रहे। प्रताप बस्ती उत्सव की अध्यक्षता मनीष शर्मा ने की।
हर जगह पथ-संचलनों का भव्य स्वागत किया गया, लोगों ने पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया।
अब आने वाले दिनों में, 9 अक्टूबर को सूडसर-दुलचासर मंडल में विजयदशमी उत्सव और पथ-संचलन का आयोजन होगा। 10 अक्टूबर को श्रीडूंगरगढ़ नगर की मोमासर बास बस्ती, धनेरू, गुसाईंसर बड़ा और उदरासर मंडल में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार हो रहे पथ-संचलनों को लेकर स्वयंसेवकों और समाज में उत्साह का माहौल है। हर तरफ उल्लास और उमंग का वातावरण है, जो संघ के शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने के लिए तत्पर है। सूत्रों के अनुसार, आयोजकों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से समाज में एकता और सद्भाव की भावना को बल मिलेगा।