प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र में, विधायक ताराचंद सारस्वत ने भारती निकेतन को इस क्षेत्र का गौरव बताते हुए, इसे राज्य भर में और भी ऊंचाइयों तक ले जाने की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल की भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रेरित किया। उनके शब्दों में, “खेल सिर्फ़ जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि आपसी सौहार्द और अनुशासन का भी प्रतीक है।”
विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए भी आवश्यक है।
जीव जतन जनकल्याण ट्रस्ट के मुख्य न्यासी और भामाशाह जतन पारख ने खिलाड़ियों को स्वस्थ जीवन जीने के साथ-साथ समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “योग भारत की प्राचीन धरोहर है और इसे जन-जन तक पहुंचाना हम सबका कर्तव्य है।”
अखिल भारतीय श्री गुर्जर गौड़ युवा महासभा के अध्यक्ष अनिल जोशी ने योग को भारत की समृद्ध परंपरा का वैज्ञानिक प्रतीक बताया और सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
मंच पर सीओ निकेत पारीक, तहसीलदार श्रीवर्द्धन शर्मा और शिक्षा विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे। शिक्षा विभाग के ज्योतिप्रकाश रंगा और व्याख्याता रमेश शर्मा ने मंच का कुशल संचालन किया। स्कूल के निदेशक ओमप्रकाश स्वामी और श्यामसुंदर स्वामी ने सभी अतिथियों और खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।
उद्घाटन सत्र में बीकानेर की योग टीम ने शानदार योग प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारती निकेतन की छात्राओं ने भी लोकगीत पर मनमोहक लोकनृत्य प्रस्तुत किया।
सोमवार को उद्घाटन के बाद, दल प्रभारी और निर्णायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रतियोगिताओं का विस्तृत कार्यक्रम तय किया गया। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह 7 बजे से योग के ट्रेडिशनल, आर्टिस्टिक सिंगल, आर्टिस्टिक पेयर और रिदमिक पेयर जैसी चार श्रेणियों में मुकाबले शुरू होंगे।
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रदेश भर से 17 और 19 वर्षीय छात्र-छात्राओं की टीमें श्रीडूंगरगढ़ पहुंची हैं। विद्यालय सहित विभिन्न भवनों में इन टीमों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था की गई है। स्कूल की बसों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को भोजन परोसने के बाद उनके आवास तक पहुंचाया जा रहा है।
भारती निकेतन का पूरा स्टाफ इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात जुटा हुआ है। शिक्षा विभाग के लगभग 80 शिक्षकों को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
यह राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों के लिए एक मंच है, बल्कि योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। श्रीडूंगरगढ़ में योग का यह रंग आने वाले दिनों में और भी गहरा होगा, ऐसी उम्मीद है।