श्रीडूंगरगढ़, 29 नवम्बर, 2025।
राजस्थान ने विशेष गहन पुनरीक्षण- 2026 में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नया अध्याय लिखा है। इस गौरवशाली उपलब्धि के पीछे अनगिनत कर्मठ कार्यकर्ताओं का अथक परिश्रम है, जिनमें से प्रत्येक ने अपनी भूमिका को बखूबी निभाया। इन्ही समर्पित कार्यकर्ताओं में से एक हैं श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा के भाग संख्या 165 के बीएलओ राजेश्वर राम।
राजेश्वर राम की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सेवाभाव और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। बीकानेर जिले के जसरासर पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीदासरिया में कार्यरत, राजेश्वर राम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के निवासी हैं। लगभग 25 वर्ष पूर्व वे बीदासरिया आए और इस धरती को ही अपना घर बना लिया। एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद, उनकी कार्यशैली, जज्बा और सेवा भावना अद्वितीय है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोहनलाल मेघवाल बताते हैं कि राजेश्वर राम ने बीदासरिया क्षेत्र की दूरस्थ ढाणियों और गांव के हर घर तक पैदल चलकर गणना प्रपत्र भरवाए और पंचायत का काम शत-प्रतिशत पूरा किया। उन्होंने पहले से ही सभी मतदाताओं की वार्डवार मैपिंग कर ली थी, जिससे कार्य की गति और भी तीव्र हो गई।
सूत्रों के अनुसार, SIR अभियान के दौरान जिन मतदाताओं की तस्वीर उपलब्ध नहीं थी, उनकी तस्वीरें वे स्वयं घर-घर जाकर लेकर आए। दिव्यांग होते हुए भी, उन्होंने टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। क्षेत्र की गली-गली और ढाणी-ढाणी की गहरी जानकारी होने के कारण टीम को सही मार्गदर्शन मिला और नई ऊर्जा का संचार हुआ। विशेष रूप से, महिला मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने में उनका योगदान सराहनीय रहा।
राजेश्वर राम की कार्यकुशलता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो दिव्यांगता भी राह में बाधा नहीं बन सकती। राजस्थान को मिली यह ऐतिहासिक सफलता ऐसे ही निष्ठावान कार्यकर्ताओं को समर्पित है, जिन्होंने अपने कार्य को कर्तव्य समझकर निभाया। यह कहानी उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का जज्बा रखते हैं।