कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नशा मुक्ति किट का वितरण रहा। अभियान से जुड़ी “सखा-सखी” टीम के 10 विद्यार्थियों को डायरी, बॉलपेन, बैग, टी-शर्ट और जैकेट जैसे उपयोगी सामग्री से युक्त किट प्रदान की गई। यह किट विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के संदेश को आगे बढ़ाने और अपने साथियों को जागरूक करने में सहायक होगी।
इस अवसर पर नारा लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रभावशाली नारे लिखे, जैसे “नशा छोड़ो- जिंदगी से नाता जोड़ो” और “नशा मुक्त भारत- स्वस्थ भारत”। इन नारों के माध्यम से उन्होंने समाज को नशाखोरी के खिलाफ एकजुट होने और स्वस्थ जीवन जीने का संदेश दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य महावीर नाथ ने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए नशाखोरी के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं, और उनका स्वस्थ और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। प्राचार्य ने नारा लेखन प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया और “नई किरण नशा मुक्ति अभियान” की सराहना की। सभी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशा मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहने चाहिए, ताकि समाज को इस बुराई से मुक्त किया जा सके। यह कार्यक्रम श्रीडूंगरगढ़ के युवाओं में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में सफल रहा।