सेल्फ डिफेंस, महिला स्वास्थ्य जागरूकता और स्वच्छता अभियान आयोजित
डूंगरगढ़ one 26 दिसंबर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय, बीकानेर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई प्रथम एवं इकाई द्वितीय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पंचम दिवस की शुरुआत प्राचार्य प्रो. नवदीप सिंह बैंस के मार्गदर्शन में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुई।
प्रथम सत्र में सेल्फ डिफेंस ट्रेनर शक्ति सिंह राजपुरोहित ने स्वयंसेवकों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा की पहली सीढ़ी मानसिक मजबूती है। आत्मविश्वास के साथ चलना, हाथ मुट्ठी में रखना, एक पैर आगे और शरीर थोड़ा झुकाकर संतुलन बनाए रखना जरूरी है। किसी भी हमले की स्थिति में आंख, नाक, गला और घुटनों जैसे कमजोर अंगों पर एल्बो, चाबी या बैग जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं से प्रभावी प्रहार कर स्वयं को सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डरने के बजाय सतर्कता, आवाज और सही तकनीक से खुद की रक्षा संभव है।
द्वितीय सत्र में सुगनी देवी जैसराज बैद हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से पधारीं मुख्य वक्ता डॉ. पद्मा चौधरी (एम.एस.), पूर्व चिकित्सक, एस.एम.एस. अस्पताल, जयपुर ने महिला स्वास्थ्य जागरूकता पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि महिला स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें मातृ स्वास्थ्य, मासिक धर्म, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे पहलू शामिल हैं। महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देकर स्वयं व परिवार के लिए बेहतर स्वास्थ्य निर्णय लेने चाहिए।
तृतीय सत्र में कार्यक्रम अधिकारियों के नेतृत्व में महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्वयंसेवकों ने पी.जी. गैलरी, उसके सामने स्थित बैडमिंटन कोर्ट तथा कक्षाओं के गलियारों की साफ-सफाई की।
दोपहर के भोजन के पश्चात स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंगों पर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सभी स्वयंसेवकों ने एक-एक प्रेरणादायक प्रसंग प्रस्तुत किया। साथ ही आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए, जिसमें प्रथम स्थान सलोनी भाटी, द्वितीय स्थान नंदिनी प्रजापत और तृतीय स्थान ज्योत्सना ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. मंजू मीणा, कार्यक्रम अधिकारी इकाई प्रथम डॉ. विनोद कुमारी, कार्यक्रम अधिकारी इकाई द्वितीय डॉ. हिमांशु कांडपाल सहित महाविद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।