श्रीडूंगरगढ़, 1 नवंबर 2025। सुनहरी रेत के टीलों से घिरे जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ में पिछले दिनों एक ऐसी घटना घटी, जिसने हर तरफ़ सन्नाटा पसर दिया। 20 अक्टूबर को सेरूणा निवासी मदनलाल सारस्वत और उनके मुनीम बिग्गा निवासी रेंवतराम तावणिया की निर्मम हत्या कर दी गई। दोनों का गला रेत दिया गया था, और इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसे इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके बाद शुरू हुआ एक अथक प्रयास। पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता का सहारा लिया और राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में दिन-रात एक कर दिया। उन्होंने कई होटलों, ढाबों और सरायों की ख़ाक छानी। दर्जनों ठिकानों पर दबिश दी गई, मानो पुलिस रेत में दबे सुरागों को ढूंढ रही हो।
अंततः पुलिस को सफलता मिली। वारदात के मुख्य आरोपी सुखविंद्रसिंह उर्फ सुखा पुत्र प्यारसिंह सांसी और अनमोलप्रीतसिंह पुत्र कश्मीरसिंह मजबी सिख निवासी बलौच, मुक्तसर को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों से अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस बीच, आरोपियों द्वारा लूटी गई 9 लाख 20 हजार 720 रूपए की रकम भी बरामद कर ली गई है।
गौरतलब है कि मृतक मदनलाल की कार पहले ही बरामद हो चुकी थी। इस मामले में मदनलाल के पुत्र पंकज कुमार सारस्वत ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
बुधवार को पुलिस ने आरोपियों का मोहनगढ़ के मुख्य बाजार में जुलूस भी निकाला, ताकि लोगों को यह संदेश दिया जा सके कि कानून अपना काम करेगा और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि अपराध किसी भी समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। पुलिस प्रशासन इस चुनौती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है, और उम्मीद है कि इस मामले में भी सच्चाई सामने आएगी और पीड़ितों को न्याय मिलेगा। फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है, और हर निगाह इस बात पर टिकी है कि आगे क्या खुलासा होता है।