राजूराम के अनुसार, 26 नवंबर की शाम किशनलाल अपने मामा के घर से लौट रहा था। गांव समंदसर में भैराराम के घर के पास पहुंचते ही, उस पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि भैराराम और उसके साथियों ने लाठियों और कुल्हाड़ी से किशनलाल पर वार किया। सिर और पैरों में गंभीर चोटें आईं।
शोर सुनकर गांव के लोग जमा हो गए और बीच-बचाव किया। राजूराम को खबर मिलते ही वह मौके पर पहुंचा और घायल भाई को श्रीडूंगरगढ़ के अस्पताल ले गया। वहां से, किशनलाल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बीकानेर रेफर कर दिया गया।
राजूराम का कहना है कि आरोपियों की उनके परिवार से पुरानी रंजिश है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जिम्मेदारी हैड कांस्टेबल आवड़दान को सौंपी गई है। गांव में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल है, और हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर इस पुरानी रंजिश की जड़ क्या है, और आगे क्या होगा।