श्रीडूंगरगढ़, 17 नवंबर 2025। जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को श्रीडूंगरगढ़ में पलीता लगता दिख रहा है। यहां कुछ लोगों का रवैया ऐसा है मानो वे कानून और व्यवस्था से ऊपर हों। वे न तो सरकारी आदेशों का पालन करते हैं, न ही नागरिक आचार संहिता का। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकारी तंत्र भी इनके आगे बेबस है।
मामला यह है कि श्रीडूंगरगढ़ में कुछ लोग सरकार के सड़क सुरक्षा अभियान का सरेआम मखौल उड़ा रहे हैं। जिला प्रशासन ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी (एनएचएआई) को बीकानेर से सीकर तक हाइवे पर बने ब्लैक स्पॉट पर बने अवैध कटों को तत्काल बंद करने के सख्त निर्देश दिए थे।
रविवार को एनएचएआई की टीम ने श्रीडूंगरगढ़ में दिन भर कार्रवाई करते हुए करीब 40 से अधिक लोगों को अवैध अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए। कई होटल और ठेला संचालकों को हाइवे से 30 मीटर तक की जगह खाली करने के आदेश दिए गए। टीम ने रूद्रा पेट्रोल पंप के पास, आशीष पेट्रोल पंप के पास और गणपति धर्मकांटे के पास हाइवे पर लगे अवैध कटों को बंद करने की कार्रवाई भी की।
लेकिन, बताया जाता है कि हर बार की तरह इस बार भी नियमों को ताक पर रख दिया गया। टीम द्वारा किए गए निर्माण को रातोंरात हटा दिया गया। टीम के सदस्यों ने बताया कि ये तीनों स्थान दुर्घटनाओं के लिए ब्लैक स्पॉट हैं और इन अवैध कटों को बंद करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
सूत्रों के अनुसार, एनएचएआई टीम के एक अधिकारी ने पूर्व में भी इस तरह की हरकत पर उपखंड अधिकारी और पुलिस प्रशासन को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। सोमवार को टीम के अधिकारी एक बार फिर प्रशासन से मिलकर श्रीडूंगरगढ़ और सेरूणा में अनाधिकृत कटों को तोड़ने के बाद उन्हें दोबारा खोल लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासनिक अधिकारी टीम पर अवैध कट बंद करने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन उन्हें बंद करने के बाद कुछ लोग उन्हें अवैध रूप से दोबारा खोल रहे हैं। टीम ने पेट्रोल पंप और होटल संचालकों द्वारा अवैध कट खोले जाने की शिकायत की है और सोमवार को उन्हें पाबंद करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
यह घटनाक्रम सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीरता और कुछ लोगों की मनमानी के बीच एक विरोधाभास को उजागर करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं।