आड़सर बास स्थित माताजी मंदिर, कालूबास स्थित दधिमती माता मंदिर, मोमासर बास स्थित स्वर्णकार माताजी मंदिर और बिग्गाबास स्थित चिड़पड़नाथजी की बगीची परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। हर कोई अपनी श्रद्धा और भक्ति के अनुसार माता के चरणों में अपनी भावनाएं अर्पित कर रहा है।
इसी क्रम में, कल सुबह 9 बजे गणेश मंदिर के पास बंगाली परिवारों द्वारा आपसी सहयोग से माताजी की स्थापना की जाएगी। इस अवसर को विशेष बनाने के लिए बंगाल से पंडित और पुजारी बुलाए गए हैं, जो विशेष पूजा अर्चना करेंगे। रात 8 बजे बंगाली परंपरा के अनुसार भव्य महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
28 सितंबर को रात्रि आरती के बाद डांडिया का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोग पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करेंगे और माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे।
2 अक्टूबर को सुबह 7 बजे सुहागिनों द्वारा सिंदूर खेला जाएगा, जो इस उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बाद झांकी जुलूस के साथ विसर्जन किया जाएगा।
सेवा भारती समिति द्वारा सेवा धाम छात्रावास में कन्या पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में समाजसेवी भाग लेंगे। पूजन में भागीदारी निभाने के लिए 9460025654 या 9414416410 पर संपर्क किया जा सकता है।
गौरतलब है कि घरों में भी कन्या पूजन के आयोजन प्रारंभ हो गए हैं। नन्हीं बालिकाएं स्कूल जाने से पहले और स्कूलों से आने के बाद देर शाम तक इन आयोजनों में व्यस्त हैं, जिससे पूरे कस्बे में एक उत्सव का माहौल बना हुआ है।