श्रीडूंगरगढ़, 26 नवंबर 2025: आचार्यश्री तुलसी के दीक्षा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में, श्रीडूंगरगढ़ में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
तेरापंथ महिला मंडल, श्रीडूंगरगढ़ की सदस्याओं ने आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा रचित आचार्यश्री तुलसी की जीवन गाथा, “धर्मचक्र का प्रवर्तन” भेंट कर इन विभूतियों का अभिनंदन किया। यह पुस्तक आचार्य तुलसी के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं और उनके द्वारा समाज में किए गए योगदानों पर प्रकाश डालती है।
मंडल मंत्री अंबिका डागा ने बताया कि महिला मंडल की सदस्याओं ने बुधवार को कई प्रतिष्ठित नागरिकों को यह पुस्तक भेंट की, जिनमें विधायक ताराचंद सारस्वत, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, सीओ श्रीडूंगरगढ़ निकेत पारीक, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सरिता नौशाद, अणुव्रत समिति के मंत्री एवं एडवोकेट रणवीरसिंह खींची, और श्रीडूंगरगढ़ रेलवे स्टेशन में कार्यरत मनीष मीणा शामिल थे।
सदस्याओं ने इन सभी गणमान्य व्यक्तियों को आचार्य तुलसी की जीवन यात्रा और समाज के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने आचार्य तुलसी के सिद्धांतों और शिक्षाओं को आज के समय में प्रासंगिक बताया।
इस अवसर पर, मंडल अध्यक्ष मंजू देवी बोथरा ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आचार्य तुलसी का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हम अपने समाज के लिए निस्वार्थ भाव से काम करें। इस कार्यक्रम में मंडल की पदाधिकारी एवं कार्यसमिति सदस्य महिलाएं भी उपस्थित थीं, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह कार्यक्रम आचार्य तुलसी के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक था, और इसने उपस्थित लोगों को उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित किया।