समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए “महात्मा गांधी स्मृति सम्मान 2025” जीव दया गौशाला समिति के ओमप्रकाश राठी को प्रदान किया गया। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य विद्या गुसाईं को “शिक्षक सम्मान 2025” से नवाजा गया। दोनों ही विभूतियों को प्रशस्तिका, शॉल और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता श्रीगोपाल राठी ने की। समाजसेवी सत्यनारायण बाहेती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर निर्मल कुमार पुगलिया और मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी गजानन्द सेवग भी मंच पर विराजमान रहे।
मुख्य अतिथि सत्यनारायण बाहेती ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था द्वारा समाज और राष्ट्र में अच्छे वैचारिक मूल्यों की स्थापना के लिए किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय हैं। विशिष्ट अतिथि निर्मल कुमार पुगलिया ने समाज में व्याप्त बुराइयों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर अच्छाई स्थापित करने का दायित्व हर नागरिक का है। मुख्य वक्ता गजानन्द सेवग ने गांधी दर्शन पर व्याख्यान देते हुए गांधीजी के विचारों को संपूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी बताया।
संस्था मंत्री और कार्यक्रम के संचालक सुशील सेरडिया ने समिति की गतिविधियों की जानकारी दी। संस्था अध्यक्ष श्रीगोपाल राठी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी का आभार व्यक्त किया। तेरापंथी सभा के मंत्री प्रदीप पुगलिया ने गांधी दर्शन पर अपने विचार रखे। सदस्य सत्यदीप ने स्वागत उद्बोधन दिया और विजयराज सेवग ने सम्मानित होने वाले वरिष्ठ जनों का जीवन परिचय प्रस्तुत किया। विजय महर्षि ने सम्मान पत्रों का वाचन किया। कार्यक्रम में मुल्तानी मैया की स्मृति में निर्मल कुमार पुगलिया का सहयोग रहा।
समारोह में सामाजिक कार्यकर्ता श्यामसुन्दर आर्य, गोपाल गौशाला समिति के मंत्री जगदीश स्वामी, रामावतार मूंधड़ा, ओमप्रकाश कलाणी, ओमप्रकाश छंगाणी, थानमल भाटी, ललित बाहेती, डालूराम कस्वां, केशरीचन्द सुथार, कुम्भाराम घिंटाला, लक्ष्मण सोनी, सन्तोष सोनी, संजय पारीक, राजेश शर्मा, रमेश प्रजापत, सीताराम सींवर, सुरेश भादानी, मालाराम जाखड़, जितेन्द्र सिंधी और अशोक पारीक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।