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मंगलवार सुबह किया बाबा का दिव्य श्रृंगार, ज्योत आरती के साथ गूंजे जयकारे, बाबा के दर्शन कर मांगी मन्नतें, देर रात लगाया खीर का भोग

7 अक्टूबर, 2025, मंगलवार की सुबह श्रीडूंगरगढ़ के पूनरासर धाम में एक अद्भुत दृश्य उपस्थित हुआ। शरद पूर्णिमा के दो दिवसीय मेले के अवसर पर बाबा हनुमान का दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

जैसे ही भोर की पहली किरण ने धरती को छुआ, मंदिर के कपाट खुले और हजारों श्रद्धालु अलसुबह की आरती में शामिल हुए। ज्योत आरती के साथ ही पूरा मंदिर परिसर “जय बाबा हनुमान” के जयकारों से गूंज उठा। ऐसा लग रहा था मानो आस्था की एक अटूट डोर भक्तों को खींचकर ले आई हो।

पूनरासर धाम में न केवल बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, और चूरू से, बल्कि हरियाणा, पंजाब और प्रदेश के दूर-दराज के कोनों से भी श्रद्धालु पहुंचे थे। हर कोई बाबा के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करने और आशीर्वाद प्राप्त करने को आतुर था। भक्तों ने बाबा को चूरमे और लड्डू का भोग लगाया, मानो प्रेम और भक्ति की मिठास से वातावरण और भी मधुर हो गया हो।

पुजारी ट्रस्ट के महावीर बोथरा ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर के निज मंदिर सहित पूरे परिसर को फूलों से सजाया गया, जो सौंदर्य और पवित्रता का प्रतीक था। श्रीडूंगरगढ़ से बड़ी संख्या में पदयात्रियों ने आज सुबह मंदिर पहुंचकर बाबा के दर्शन किए, उनकी आस्था की यात्रा को सार्थक किया।

सोमवार को पूनरासर में झमाझम बरसात हुई, लेकिन भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। भारी बारिश भी श्रद्धालुओं के लिए रुकावट नहीं बन सकी और वे दुगुने जोश के साथ जयकारे लगाते हुए बाबा के दर्शन करने पहुंचे, अपनी मन्नतें मांगी। रात 12 बजे आरती की गई और बाबा को खीर का भोग लगाया गया, जो शांति और समृद्धि का प्रतीक था। सोमवार को दिन भर मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। अनेक सवामणियों के प्रसाद भी किए गए। श्रद्धालुओं ने खेजड़ी बालाजी के दर्शन कर अपनी मन्नतों की मोलियां बांधी, जो आशा और विश्वास का प्रतीक है।

आज मेले का दूसरा और अंतिम दिन है। श्रीपूनरासर हनुमानजी ट्रस्ट की ओर से श्रीराम भोजनालय, गंगाजल कासनियां चेरिटेबल ट्रस्ट बेंगलूरू की ओर से सावित्री भवन में, पुजारी परिवार की ओर से जयराम धर्मशाला में भक्तों के लिए भंडारे के आयोजन किए गए हैं, जहां सभी श्रद्धालुओं ने प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।

श्रीपूनराससर हनुमानजी ट्रस्ट के ट्रस्टी बजरंगलाल शर्मा ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से मंदिर परिसर में छाया, पानी की व्यवस्था के साथ ही मेले में आए श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन व स्नान की विशेष व्यवस्थाएं ट्रस्ट द्वारा की गई हैं।

उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा व सीओ निकेत पारीक ने मेले में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं सेरूणा एसएचओ पवन कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में उपस्थित पुलिसकर्मी मेले में व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे, ताकि सभी श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।

पूनरासर धाम में शरद पूर्णिमा का यह मेला आस्था, श्रद्धा और सेवा का एक अनूठा संगम है। यह एक ऐसा अवसर है जब भक्त अपनी चिंताओं को भूलकर, ईश्वर के प्रेम में डूब जाते हैं और एक नई ऊर्जा के साथ अपने जीवन में लौटते हैं।

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