श्रीडूंगरगढ़, 23 नवंबर, 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में पर्यटन सुविधाओं और कनेक्टिविटी को तेजी से विकसित किया जा रहा है। केंद्रीय पर्यटन एवं कला मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह बात कही। उनका कहना है कि भारत में अमेरिका के बाद सबसे अधिक घरेलू पर्यटन की संभावनाएं हैं, और इस दिशा में राजस्थान एक महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
रविवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में आयोजित एक संगोष्ठी में मंत्री शेखावत बोल रहे थे। “विकसित भारत विकसित राजस्थान @2047” के तहत “पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन की पुनर्कल्पना” विषय पर यह संगोष्ठी आयोजित की गई थी, जिसमें पर्यटन के भविष्य पर गहन विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में शिवबाड़ी के महंत स्वामी विमर्शानंद और बीकानेर (पश्चिम) के विधायक जेठानंद व्यास भी उपस्थित थे।
मंत्री शेखावत ने बताया कि वैश्विक स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 10% से अधिक हिस्सा पर्यटन से आता है, जबकि भारत में यह आंकड़ा अभी 5.5% है। सरकार इस अंतर को पाटने के लिए नीति निर्धारण और निवेश के माध्यम से प्रयासरत है, ताकि भारत भी वैश्विक औसत के बराबर पहुंच सके।
उन्होंने घरेलू पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए बताया कि पिछले वर्ष अयोध्या में 8 करोड़, उज्जैन में 7.5 करोड़ और महाकुंभ के 45 दिनों में 66 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। यह आंकड़े बताते हैं कि भारत में घरेलू पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है।
शेखावत ने कहा कि कोविड महामारी के बाद भारत दुनिया के सबसे तेजी से उभरते हुए पर्यटन बाजारों में से एक है। रेल, सड़क और हवाई मार्ग में हुए व्यापक सुधारों ने पर्यटन को बढ़ावा दिया है। धार्मिक पर्यटन स्थलों पर अब तक 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जबकि नए और पुराने पर्यटन स्थलों के विकास पर 3,300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। देश में 50 नए आइकॉनिक टूरिज्म सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।
उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा तैयार की गई नई पर्यटन नीति और पर्यटन नवाचारों की सराहना की, और कहा कि राजस्थान में पर्यटन के अवसर अन्य राज्यों से अधिक हैं।
संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव दिए। इको टूरिज्म और फोक म्यूजिक फेस्टिवल शुरू करने, बीकानेर में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने, हेरिटेज रूट विकसित करने, उस्ता कला के संरक्षण और प्रशिक्षण की आवश्यकता, पाठ्यक्रम में पर्यटन आधारित विषय शामिल करने, शहर की हवेलियों के संरक्षण और नाइट टूरिज्म विकसित करने जैसे प्रस्ताव रखे गए। बीकानेर में इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म खोलने का भी आग्रह किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि बीकानेर अपनी संस्कृति, स्थापत्य और परंपराओं के लिए विश्वप्रसिद्ध है। उन्होंने बीकानेर में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट की शाखा खोलने की मांग रखी।
इस समारोह में पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सागर, अतिरिक्त कलेक्टर रमेश देव, कुलसचिव कुणाल राहड़, वित्त नियंत्रक देवेंद्र सिंह राठौड़ सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।