डूंगरगढ़ one 8 जनवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ की भूमि भामाशाहों की उपज के लिए जानी जाती है। यहां जन्मे लोग न केवल अपने व्यवसाय और कर्मक्षेत्र में सफलता पा रहे हैं, बल्कि अपने पैतृक गांव और तहसील में विकास कार्यों में भी योगदान दे रहे हैं।
समंदसर-श्रीडूंगरगढ़ निवासी और वर्तमान में कटक में प्रवासित भामाशाह मोहनलाल सिंघी ने अपने पैतृक गांव लिखमादेसर में कई विकास कार्य कराए हैं। इसी क्रम में उन्होंने आसोजी धाम में भव्य कथा-जागरण मंच का निर्माण करवाया है।
सामाजिक कार्यकर्ता बजरंग सोमाणी ने बताया कि इस नए मंच का 25 जनवरी को भव्य लोकार्पण किया जाएगा।