श्रीडूंगरगढ़ ONE 11 अप्रैल 2026। लिखमादेसर के प्रसिद्ध हंसोजी धाम में पूनमचंद रामनिवास तिवाड़ी द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में शनिवार को तीसरे दिन भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पांडाल में श्रीराम राम जन्मोत्सव की घोषणा होने पर श्रद्धालु आनंद में झूम उठे। अवध में आनंद भयो जय रमैया लाल की.. धुन पर खूब जयकारे लगाए गए जिससे पांडाल गूंज उठे। कथा स्थल पर श्रीराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रीराम जन्म की सुंदर सजीव झांकी सजाई गई। सभी को राम जन्मोत्सव की बधाइयां बांटी गई और बच्चों को खिलौने व उपहारों के वितरण किया गया। गौसेवार्थ आयोजित रामकथा में दंडी स्वामी शिवेंद्र जी महाराज ने मर्यादा पुरूषोत्तम की जीवन मूल्यों को आचरण में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संतो की वाणी जीवन में भटकाव समाप्त करने वाली होती है और भगवान की कथा में मन लगाने के लिए भगवान से प्रेम करने की जरूरत है। उन्होंने नारद प्रसंग का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान अपने भक्त के ह्रदय में अहंकार को टिकने नहीं देते। महाराज ने मनु शतरूपा प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि सच्चे प्रेम के बल पर भगवान को प्रकट किया जा सकता है। राजा प्रतापभानु के रावण बनने की कथा सुनाई। महाराज ने कहा कि पाप करने वाला ही नहीं सहने वाला भी दोषी है। परमहंस संत सोमनाथजी महाराज, महंत भंवरनाथ ज्याणी सहित अनेक अतिथि कथा में शामिल हुए। राजगढ़ विधायक मनोज न्यांगली कथा में शामिल हुए व सबको रामजन्म की बधाई दी। न्यांगली ने जीवन में मानव कल्याण के लिए पूरी क्षमता से प्रयास करने की बात कही। तिवाड़ी परिवार द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान किया गया।
गौशाला में दानदाताओं के नाम मंच पर लेते पूनमचंद तिवाड़ी ने सभी का आभार जताया। रामावतार जोशी गोगासर, धर्मचंद अहमदाबाद, रामनिवास गोपाल पांडिया, जगदीश प्रसाद ओमप्रकाश पांडिया राजासर बिकान, जगमालसिंह दिलीपसिंह सिसोदिया, दुर्गादत्त रामकुमार कठोतिया, सुभाषचंद्र प्रजापत, तिलोकाराम तिवाड़ी पुलासर, एडवोकेट माणकचंद भाटी सरदारशहर, ने गौसेवा में सहयोग दिया। कथा में शामिल दानदाताओं व अतिथियों का व्यास पीठ से सम्मान किया गया।