श्रीडूंगरगढ़ ONE, 13 फरवरी 2026। बीकानेर में पिछले 11 दिनों से पर्यावरण समिति के बैनर तले चल रहा खेजड़ी संरक्षण महापड़ाव आखिरकार सफल हो गया। सरकार द्वारा पर्यावरण प्रेमियों की प्रमुख मांगें मान लेने के साथ ही आंदोलन को बड़ी जीत मिली है। रात को राजस्थान सरकार के मंत्री के.के. विश्नोई, विधायक जसवंत सिंह, पब्बाराम विश्नोई और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बिहारी लाल विश्नोई शासन सचिव का आदेश लेकर महापड़ाव स्थल पहुंचे। आदेश में पूरे राजस्थान में खेजड़ी को संरक्षित वृक्ष घोषित करने तथा उसकी कटाई रोकने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी करने की बात कही गई है। साथ ही आगामी सत्र में इस संबंध में कानून लाने के आश्वासन को भी दोहराया गया। ज्ञात रहे कि हाल के वर्षों में बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स की स्थापना की होड़ में खेजड़ी के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई थी। कई स्थानों पर अवैध ठेके तक दिए गए। वन विभाग और प्रशासन की निष्क्रियता के आरोपों के बीच पर्यावरण प्रेमियों ने आंदोलन शुरू किया, जो बाद में महापड़ाव में बदल गया।
सरकार के फैसले के बाद श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों में भी खुशी की लहर है। क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। श्रीडूंगरगढ़ के कई जनप्रतिनिधियों ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय मरुधरा की जीवनरेखा खेजड़ी के संरक्षण के लिए मील का पत्थर साबित होगा।