ग्राम पंचायत सत्तासर के लालासर गांव के रहने वाले जितेंद्र सिंह पुत्र राजूसिंह, अपने पीछे दो छोटे पुत्रों को छोड़ गए हैं, जिनकी उम्र क्रमशः चार और दो वर्ष है। दो भाइयों में वे बड़े थे। इस हृदयविदारक समाचार से उनके पिता और छोटे भाई गहरे शोक में डूबे हुए हैं। घर में माता और पत्नी का करुण क्रंदन सुनकर पूरे गांव में मातम छा गया है।
सूत्रों के अनुसार, जितेंद्र गांव की सहकारी समिति में व्यवस्थापक के पद पर कार्यरत थे। जानकारी मिली है कि शुक्रवार को वे समिति के कुछ बिल जमा कराने बीकानेर गए थे। उनके साथ गांव के ही मित्र, 35 वर्षीय राजेंद्र सिंह उर्फ भालुसिंह पुत्र मदनसिंह भी थे, जो इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों बीकानेर से मोटरसाइकिल पर वापस लौट रहे थे, तभी श्रीडूंगरगढ़ से कुछ ही दूरी पर यह हादसा हो गया।
दुर्घटना के बाद, जितेंद्र को तत्काल उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बीकानेर रेफर कर दिया गया। परंतु, दुर्भाग्यवश, पीबीएम अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
जितेंद्र, गांव के युवाओं में अपनी कुशल व्यवहार कुशलता और उम्र से कहीं अधिक समझदारी के लिए जाने जाते थे। इस दुखद घटना की खबर सुनते ही, परिजनों के साथ-साथ सरपंच सुनील मलिक और कई ग्रामीण बीकानेर पहुंचे और गहरा शोक व्यक्त किया।
हैड कांस्टेबल संदीप कुमार ने पीबीएम पहुंचकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की और शव को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मृतक के भाई वीरेंद्र की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस अप्रत्याशित घटना ने लालासर गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। जितेंद्र के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।