प्रतियोगिता का आयोजन 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक डीडवाना-कुचामन के शिशु विहार स्कूल, आकोदा में किया जाएगा। यह एक ऐसा मंच है, जहां प्रदेश भर से युवा प्रतिभाएं अपनी खेल कौशल का प्रदर्शन करती हैं।
इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन जिला स्तरीय मुकाबलों के बाद हुआ था, जिनका आयोजन राउमावि बींझासर में ही किया गया था। राज्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए चुने गए इन 24 खिलाड़ियों (प्रत्येक वर्ग से 12) ने 24 से 28 सितंबर तक एक गहन प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। इस दौरान कोच हनुमान प्रसाद गुर्जर, सावित्री खीचड़, नरेन्द्र सिंह और सरोज ने उन्हें न केवल खेल की बारीकियां सिखाईं, बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया। उन्होंने रणनीति और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया, ताकि ये खिलाड़ी मैदान में हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहें।
आज जब टीम रवाना हो रही थी, तो संस्था प्रधान मदनलाल शर्मा, प्रेमसिंह राठौड़, सरपंच प्रतिनिधि सोहनलाल जाखड़, सहीराम तावणिया और विद्यालय के अन्य सदस्यों ने तिलक लगाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। यह दृश्य न केवल उत्साहवर्धक था, बल्कि यह भी दर्शाता था कि पूरा समुदाय इन बेटियों के साथ है, और उनकी सफलता की कामना करता है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि बीकानेर की कबड्डी टीम ने पिछले दो वर्षों में राज्य स्तर पर लगातार स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। ऐसे में, इस बार भी टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें स्वाभाविक हैं। क्या ये बेटियां इस बार भी अपनी जीत का सिलसिला जारी रख पाएंगी? यह देखना दिलचस्प होगा। निश्चित रूप से, इन बेटियों के कंधों पर न केवल अपने जिले का, बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव टिका हुआ है।