गौशाला संघ के अध्यक्ष सूरजमाल सिंह नीमराना ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 11 महीनों से प्रदेश की लगभग 2700 गौशालाएं अनुदान की बाट जोह रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जिलों में तो गौशालाओं से अभी तक बिल और वाउचर तक नहीं मांगे गए हैं, जिससे अनुदान मिलने की प्रक्रिया और भी संदिग्ध लग रही है। नीमराना ने कहा, “राज्य सरकार के पास गौ संवर्धन निधि 2016 के अनुसार अनुदान देने के लिए पर्याप्त राशि जमा है, फिर भी इस राशि का उपयोग कहीं और किया जा रहा है, जो गौशालाओं के साथ एक तरह का छल है।”
संघ के महामंत्री निरंजन सोनी ने चिंता जताते हुए बताया कि आर्थिक तंगी के चलते कई गौशालाएं अपने गोवंश को छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं।
संघ के वरिष्ठ सदस्य धुडाराम कुलड़िया ने सरकार से समय पर अनुदान वितरण, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने और गौशालाओं का उत्पीड़न रोकने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो दीपावली के बाद बीकानेर संभाग में एक विशाल सभा आयोजित करके राज्य स्तरीय आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। अनुमान है कि इस सभा में संभाग के चारों जिलों से लगभग 20,000 कार्यकर्ता शामिल होंगे।
संघ के जगदीश सिंह राजपूरोहित ने बताया कि आगामी 7 नवंबर को बीकानेर में एक संभाग स्तरीय विशाल सभा का आयोजन किया जाएगा। इस सभा में बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू और डीडवाना-कुचामन की गौशालाएं भाग लेंगी। इस सभा के माध्यम से राज्य स्तरीय आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा। इसके बाद राजस्थान के सभी सातों संभागों में बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी और जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में जयपुर में राज्य स्तर पर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ के मालाराम सारस्वत बापेऊ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि 15 अक्टूबर तक अनुदान नहीं मिलता है, तो संघ के कार्यकर्ता संभागीय मुख्यालयों पर सामूहिक अनशन करेंगे और इसकी पूरी ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
बैठक में गौ ग्राम सेवा संघ के महेंद्र सिंह लखासर ने बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा जिले के 188 ग्रामों और बीकानेर शहर की 40,000 बीघा भूमि के अधिग्रहण का विरोध किया।
सत्यनारायण स्वामी श्रीडूंगरगढ़ ने गोचर और ओरण की भूमि को गोवंश और अन्य जीवों के जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके विक्रय के लिए उपयोग किए जाने पर आपत्ति जताई।
गौसेवक अगर सिंह कोटासर ने बताया कि बैठक में पूज्य श्याम गिरी महाराज, गोविंद स्वरूप महाराज, सुखदेव महाराज, संत चंद्रशेखर महाराज के सानिध्य में बीकानेर जिले और आसपास की गौशालाओं के संचालक शामिल हुए। सभी ने आंदोलन का समर्थन करने और संघ के साथ मिलकर आगे आने का संकल्प लिया। यह घटनाक्रम निश्चित रूप से सरकार और गौशाला संघ के बीच आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने का संकेत दे रहा है।