श्रीडूंगरगढ़, 3 अक्टूबर 2025। शुक्रवार का दिन बापेऊ गांव के लिए एक विशेष अनुभव लेकर आया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बापेऊ मंडल ने यहाँ विजयदशमी उत्सव का आयोजन किया, जो कई मायनों में यादगार रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह पथ संचलन से हुई। स्वयंसेवकों ने संघ की पूर्ण गणवेश में, अनुशासन और एकता का परिचय देते हुए गांव के प्रमुख मार्गों पर कदमताल की। वातावरण में गूंजता संघ का घोष हर किसी को आकर्षित कर रहा था। ऐसा लग रहा था मानो समूचा गांव एक लय में बंध गया हो।
ग्रामीणों ने भी इस अवसर को खुले दिल से अपनाया। उन्होंने भगवा ध्वज पर पुष्प वर्षा कर पथ संचलन का स्वागत किया, जो श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक था।
संचलन के बाद, विजयदशमी उत्सव का आयोजन किया गया। शस्त्र पूजन भी कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इस दौरान, मुख्य बौद्धिककर्ता त्रिखंड प्रचारक सुरेश कुमार ने अपने विचारों से स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन दिया।
सुरेश कुमार ने संघ की स्थापना के उद्देश्यों, वर्तमान में इसके विस्तार और शताब्दी वर्ष में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संघ की शताब्दी वर्ष की यात्रा और पंच प्रणों के बारे में भी विस्तार से बताया, जिससे स्वयंसेवकों को संघ के भविष्य के लक्ष्यों और दृष्टिकोण को समझने में मदद मिली।
यह उल्लेखनीय है कि बापेऊ गांव में पहली बार संघ के पथ संचलन का आयोजन हुआ था। इस आयोजन ने गांव में एक नई ऊर्जा का संचार किया और लोगों को संघ के विचारों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।
आगे की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि शनिवार को बेनीसर, पूनरासर और आड़सर बास गांवों में भी विजयदशमी उत्सव और पथ संचलन का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से संघ का उद्देश्य समाज को संगठित करना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जागृत करना है।