उन्हें तत्काल एंबुलेंस से उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया।
इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की सड़कों की बदहाली की ओर ध्यान खींचा है। गांव बाना और रीड़ी के युवाओं का कहना है कि इस मार्ग पर लगातार दुर्घटनाओं का कारण सड़क पर बने गहरे गड्ढे हैं। उनका मानना है कि इन गड्ढों के कारण राहगीरों का सफर जोखिम भरा हो गया है।
दुर्घटना के समय वहीं से गुजर रहे डॉ. विवेक माचरा ने भी मौके पर रुककर घायल अफजल को संभाला। उन्होंने सड़कों की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में सड़कों का निर्माण बेहद घटिया स्तर का हो रहा है, जिसके कारण आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
इस बीच, एक और पुरानी समस्या ने अफजल की मुसीबत और बढ़ा दी। बाना रोड पर घायल हुए अफजल को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस को रेलवे फाटक पर रुकना पड़ा। रीड़ी की ओर लौट रहे कुछ युवाओं ने बताया कि एंबुलेंस लगभग 15 से 20 मिनट तक फाटक खुलने का इंतजार करती रही। घायल अफजल को इस दौरान काफी परेशानी हुई और युवाओं ने इस पर नाराजगी भी जताई।
गौरतलब है कि क्षेत्र में रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की मांग लंबे समय से लंबित है। युवाओं का कहना है कि उपखंड की आधी आबादी इस फाटक से परेशान है। प्रसूताओं को अस्पताल लाना हो या किसी बीमार या घायल को पहुंचाना हो, यह फाटक अक्सर बाधा बन जाता है।
यह घटना श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में सड़कों की स्थिति और बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर करती है, जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस दिशा में क्या कदम उठाता है।