बताया जाता है कि लालचन्द, जो कुणपालसर के भगवानाराम के पुत्र हैं, और कालूराम, जो धनेरू के रामूराम के पुत्र हैं, अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। रात गहराती जा रही थी और बाना गांव के नजदीक पहुंचते ही एक अप्रत्याशित घटना घट गई। उनकी बाइक एक गौवंश से टकरा गई, जिसके कारण दोनों युवक बुरी तरह से घायल हो गए।
जैसे ही हादसे की खबर फैली, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी की एम्बुलेंस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। तत्परता दिखाते हुए, एम्बुलेंस कर्मियों ने दोनों घायलों को श्रीडूंगरगढ़ के उपजिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को प्राथमिक उपचार दिया। परन्तु लालचन्द की स्थिति को गंभीर देखते हुए, उन्हें बेहतर इलाज के लिए बीकानेर रेफर कर दिया गया।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया है। रात के अंधेरे में सड़कों पर घूमते पशुधन और अनियंत्रित गति से होने वाले हादसे, अक्सर जीवन को खतरे में डाल देते हैं। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं?