कार्यक्रम में पुष्कर सम्मेलन के सह संयोजक संजय घिंटाला और टीम के सदस्य राकेश सिहाग व सुखदेव सिहाग की उपस्थिति ने आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। इनके साथ ही एडवोकेट श्यामसुन्दर आर्य, सोहन गोदारा, मास्टर प्रभुराम बाना, श्रवण कुमार भाम्भू, पूनम नैण, रामचन्द्र गीला, सहिराम सायच, शंकरलाल जाखड़, रेवंतराम खिलेरी, गोविंदराम बाना, हरलाल भाम्भू, दयानन्द बेनीवाल, भंवरलाल जाखड़, रामनिवास जाखड़ और सुशील सेरडिया जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में समाज के कई और बंधु भी शामिल हुए।
पुष्कर में होने वाले इस शताब्दी सम्मेलन में क्षेत्र से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सोहन गोदारा को श्रीडूंगरगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में सम्मेलन के प्रचार-प्रसार और लोगों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उपस्थित गणमान्यजनों ने एक स्वर में क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वे पुष्कर में आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक सम्मेलन में बढ़-चढ़कर भाग लें। यह सम्मेलन न केवल जाट समुदाय के इतिहास और विरासत का उत्सव है, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का भी एक महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में, श्रीडूंगरगढ़ में पोस्टर विमोचन और समाजबंधुओं की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि पुष्कर में होने वाला यह सम्मेलन एक बड़ी सफलता की ओर अग्रसर है।