सोमवार की सुबह से ही बाजार में चहल-पहल शुरू हो गई थी। दुकानदारों ने तड़के 5-6 बजे ही अपनी दुकानें खोल लीं और उन्हें करीने से सजा दिया। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, बाजार में लोगों की भीड़ बढ़ती गई। सुबह 10 बजे के बाद तो स्थिति यह हो गई कि पैर रखने तक की जगह मुश्किल से मिल रही थी।
बाजार में पूजन सामग्री की दुकानों पर विशेष रूप से रौनक देखने को मिली। लोग मिठाइयां, लक्ष्मी पन्ना और अन्य पूजन सामग्री खरीदते नज़र आए। पटाखों की दुकानों पर भी खासी भीड़ थी, बच्चे और बड़े सभी अपनी पसंद के पटाखे चुनने में व्यस्त थे।
वस्त्रों और घरेलू सामानों की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ थी। लोग दीपावली के लिए नए कपड़े और घर को सजाने के लिए तरह-तरह की वस्तुएं खरीद रहे थे। बाजार में चारों ओर ग्राहकों की रेलमपेल दिखाई दे रही थी, हर कोई त्योहार की तैयारियों में जुटा हुआ था।
गौरतलब है कि इस वर्ष दीपावली दो दिनों तक मनाई जा रही है। कई परिवार आज ही लक्ष्मी पूजन करेंगे, जबकि कई अन्य कल पूजन करेंगे। इस कारण, कल भी बाजार पूरी तरह से खुला रहेगा। व्यापारियों ने बताया कि मंगलवार को भी सभी दुकानें खुली रहेंगी और त्योहारी खरीदारी जारी रहेगी। उन्हें उम्मीद है कि कल भी अच्छी ग्राहकी रहेगी और लोग पूरे उत्साह के साथ खरीदारी करेंगे।
दीपावली के इस पावन अवसर पर श्रीडूंगरगढ़ का बाजार मानो समृद्धि और खुशियों का प्रतीक बन गया है। यह दृश्य न केवल व्यापारियों के लिए उत्साहवर्धक है, बल्कि यह शहर के लोगों के जीवन में भी एक नई उमंग और आशा का संचार कर रहा है।