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पांच बेजुबान जिंदा जले, चारा और दो झोंपड़ी हुई स्वाहा।

श्रीडूंगरगढ़ के सुरजनसर गांव में बुधवार का दिन एक दुखद घटना लेकर आया। दोपहर के शांत माहौल में अचानक आग की लपटों ने आथूणा-दिखणादा बास को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पांच बेजुबान पशुओं की असामयिक मृत्यु हो गई।

जानकारी के अनुसार, भगवानाराम जाट और शंकरलाल जाट, जो पड़ोसी हैं, उनके घरों की सीमा पर बनी झोंपड़ियों में दोपहर लगभग 2 बजे आग लग गई। आग लगने का कारण अभी तक अज्ञात है। दुर्भाग्यवश, झोंपड़ियों में बंधे पशु – दो भैंसें, दो गाय और एक बछड़ी – आग की चपेट में आ गए।

जब यह हादसा हुआ, तब दोनों ही परिवारों के सदस्य खेतों में काम करने गए हुए थे। आग की भयावहता देख गांव के लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए और आपसी सहयोग से आग बुझाने का प्रयास करने लगे। लेकिन तब तक भगवानाराम जाट की एक भैंस और एक गाय जिंदा जल चुकी थी, जबकि एक भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। इसी तरह शंकरलाल जाट की एक गाय और एक बछिया भी आग में जलकर मर गईं।

आग इतनी भीषण थी कि झोंपड़ियों के पास रखा कई क्विंटल पशु चारा भी जलकर राख हो गया। इस घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

सरपंच ओमप्रकाश सारस्वत और अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से दोनों पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे इस दुख की घड़ी में संभल सकें और अपने जीवन को फिर से पटरी पर ला सकें। यह घटना न केवल पशुधन की हानि है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी एक बड़ा आघात है जो अपनी आजीविका के लिए इन पशुओं पर निर्भर थे।

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