श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्र में आज आस्था और भक्ति का माहौल रहेगा। एक ओर जहाँ रूस्तम धोरा में रात्रि जागरण और अग्नि नृत्य का आयोजन होने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कोटासर गौशाला में माँ करणी की भजन संध्या और कन्या पूजन की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं।
निकटवर्ती धोरा आलसर बास में सिद्ध रूस्तम जी महाराज की तपोस्थली, रूस्तम धोरा, आज शाम एक विशेष आयोजन का साक्षी बनेगा। यहाँ रात्रि जागरण का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियों को महंत भंवरनाथ जाखड़ के सान्निध्य में अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन में सबद गायन के साथ अग्नि नृत्य का भी प्रदर्शन होगा, जो दर्शकों को भक्ति और आश्चर्य के अनूठे मिश्रण का अनुभव कराएगा। महेंद्र बिडासरा के अनुसार, इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों से भक्त रूस्तम धोरा पहुँचकर अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे।
वहीं दूसरी ओर, गांव कोटासर की श्रीकरणी गौशाला में नवरात्र के अवसर पर विशेष पूजा अर्चना जारी है। गौशाला परिसर में स्थित माँ करणी के मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है। यहाँ 30 सितंबर की रात 10.15 बजे माँ करणी जी महाराज की भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन कलाकार प्रेमदान चारण राणेरी अपनी सुमधुर वाणी से माँ करणी के भजनों की प्रस्तुति देंगे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। अगले दिन, 1 अक्टूबर को, यहाँ कन्या पूजन और महाप्रसाद का आयोजन होगा। ग्रामीण इन आयोजनों की तैयारियों में पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं।
इन दोनों आयोजनों से श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में भक्ति और आस्था का एक अद्भुत माहौल बनेगा, जहाँ लोग श्रद्धा के साथ एकत्र होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखेंगे।