28 नवंबर, 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। गांव सेरूणा में धरना प्रदर्शन जारी है, जो क्षेत्र में व्याप्त जल संकट की गंभीरता को दर्शाता है। शुक्रवार को पंचायत समिति परिसर में आयोजित बैठक में भी पेयजल आपूर्ति का मुद्दा छाया रहा, जहाँ जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण अंचल में पेयजल की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की।
सदस्यों ने बताया कि बिग्गाबास रामसरा, जालबसर और नोसरिया मिंगसरिया जैसे गांवों में ग्रामीण पिछले छह महीनों से टैंकरों के सहारे अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। इस स्थिति पर सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए विभाग से तत्काल समाधान की मांग की।
जिला परिषद सदस्य श्रीराम भादू ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए कहा कि जब तक पानी की सुचारू व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक विभाग टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करे। विभागीय अधिकारी कैलाश वर्मा ने बताया कि इन गांवों के लिए प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए विभाग को भेजे जा चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि टैंकरों से पेयजल आपूर्ति के लिए उच्चाधिकारियों को तत्काल पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी।
बैठक में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठा – गांव दुलचासर से लखासर के बीच स्थित सिंगल सड़क के किनारे लगे बिजली के खंभों का। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि ये खंभे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमि पर हैं और इनसे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी दोनों विभागों की होगी।
श्रीराम भादू ने पीडब्ल्यूडी के विभागीय अधिकारी से बिजली विभाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की, जिस पर अधिकारी ने सात दिन का समय मांगा और उसके बाद कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
यह बैठक पंचायत समिति सदस्यों के लिए एक भावुक क्षण भी था, क्योंकि उनका कार्यकाल आगामी 8 दिसंबर, 2025 को पूरा हो रहा है। हालांकि नए सदस्य चुने जाने तक ये सदस्य बने रहेंगे, लेकिन वे अब किसी बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। इस नाते, क्षेत्र के पंचायत समिति सदस्य अंतिम रूप से आज की बैठक में शामिल हुए। प्रधान सावित्री देवी गोदारा ने इन सदस्यों का सम्मान किया।
बैठक में विकास अधिकारी मनोज धायल, केसराराम गोदारा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सरपंचगण उपस्थित थे। बैठक के बाद सभी ने साथ मिलकर सहभोज में भाग लिया, जो एक साथ बिताए गए समय की मधुर स्मृति बन गई। यह बैठक क्षेत्र की समस्याओं पर विचार करने और समाधान ढूंढने के साथ-साथ विदाई का भी अवसर थी, जहाँ सभी ने एक-दूसरे को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।