श्रीडूंगरगढ़ ONE, 25 मार्च 2026। कस्बे के कालूबास स्थित नेहरू पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महापुराण के छठे दिन बुधवार को कथा प्रवक्ता विदुषी पूजा जोशी ने व्यासपीठ से महा रासलीला, श्रीकृष्ण के मथुरा गमन एवं रुक्मिणी मंगल प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके प्रवचन को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान श्रीकृष्ण के मथुरा गमन का प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें धोबी और भगवान के बीच संवाद का मार्मिक चित्रण किया गया। साथ ही सुदामा माली, कंस की दासी त्रिभद्रा तथा अन्य प्रसंगों का भी विस्तार से वर्णन किया गया। मल्ल युद्ध, कंस वध और उग्रसेन से जुड़े घटनाक्रमों को भी रोचक शैली में प्रस्तुत किया गया। उद्धव के वृंदावन आगमन का प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचिका ने बताया कि उद्धव दुखी मन से नंद बाबा के पास पहुंचे। नंद बाबा कृष्ण की यादों में डूबे थे और उनके बारे में बात करने से स्वयं को रोकना चाहते थे, लेकिन संवाद के दौरान कृष्ण का नाम आते ही उनकी बाल लीलाओं की स्मृतियां ताजा हो गईं।
कथा में यशोदा मैया के वात्सल्य और विरह भाव का अत्यंत भावुक चित्रण किया गया। श्रीकृष्ण के मथुरा जाने के बाद यशोदा मैया के विरह की पीड़ा को सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। उन्होंने उद्धव से कहा कि उन्हें आज भी विश्वास नहीं होता कि कृष्ण उनसे दूर हैं और वे उनके लौटने की प्रतीक्षा कर रही हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कथा के समापन पर अतिथियों छापर के कोलकाता प्रवासी मोहनलाल पारीक, सरदारशहर के पूनमचंद तिवाड़ी एवं ओमप्रकाश राठी का दुपट्टा व साहित्य भेंटकर सम्मान किया गया।